परीक्षण परिस्थितियों में रिकॉर्ड तोड़ दक्षता
14 सितंबर को फॉक्सवैगन ने मिशन एफिशिएंसी पेश की। कंपनी ने अपने प्रोटोटाइप के परीक्षण में 100 किलोमीटर पर औसतन 6.89 किलोवाट-घंटे की खपत दर्ज की। यह कार फ्रंट-व्हील ड्राइव के साथ MEB+ प्लेटफॉर्म की सीरीज-प्रोडक्शन तकनीकों का उपयोग करती है, जो ID पोलो और ID क्रॉस से संबंधित है।
बॉडीवर्क इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है: दावा किया गया ड्रैग गुणांक 0.158 है। निर्माता ने बंद पिछले पहियों, एक अनुकूलित अंडरबॉडी और रोलिंग प्रतिरोध को कम करने के लिए विशेष समाधानों का भी वर्णन किया है।
प्रोटोटाइप का मतलब कीमत का अनुमान नहीं है।
मिशन एफिशिएंसी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करती है, लेकिन इसे तैयार उत्पादन मॉडल के रूप में नहीं बेचा जाता है। विशेष परीक्षण के परिणाम को किसी भी आईडी के दैनिक उपयोग के बराबर नहीं माना जा सकता। इस कार के अपने आयाम, वायुगतिकी और संरचना हैं।
एक सामान्य इलेक्ट्रिक वाहन चुनते समय क्या उपयोगी होता है?
यह खबर हमें याद दिलाती है कि रेंज केवल बैटरी की क्षमता पर ही निर्भर नहीं करती। बॉडी, टायर, गति और सहायक उपकरण भी ऊर्जा खपत को प्रभावित करते हैं। कैटलॉग में इलेक्ट्रिक कारों की तुलना करते समय, समान चक्र और वास्तविक उपयोग की स्थितियों पर किए गए मापों की जांच करें। परीक्षण के दौरान कम खपत का मतलब यह नहीं है कि किसी विशेष प्रयुक्त कार में बैटरी की स्थिति की जांच करना आवश्यक नहीं है।


